रामलला आभूषण विवाद में बड़ा सस्पेंस: सनसनीखेज खुलासे के बाद आया नया मोड़, जांच एजेंसियों को सहयोग करने सामने आया नया गवाह

अंतरिक्ष तिवारी की कलम से भाग 5
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र और आभूषणों से जुड़े मामले में एक नया और सस्पेंस से भरा मोड़ सामने आया है। एक विशेष इंटरव्यू वीडियो में प्रसिद्ध संत आचार्य विनोद मिश्रा के बड़े खुलासे के बाद अब एक और गवाह जांच एजेंसियों का सहयोग करने के लिए आगे आया है। यह गवाह अपने और अपने भक्तों द्वारा मंदिर में अर्पित किए गए आभूषणों व दान-पुण्य से जुड़े पुख्ता साक्ष्य और दस्तावेज जांच एजेंसियों को सौंपकर जांच में पूरा सहयोग करने की तैयारी में है।वीडियो के अनुसार, आचार्य विनोद मिश्रा ने श्रद्धालुओं के असमंजस को बयां करते हुए आरोप लगाया कि भक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई से रामलला के श्रृंगार के लिए जो आभूषण समर्पित किए थे, उनकी कोई रसीद या फोटो प्रमाण उन्हें नहीं दिया गया। वीडियो में यह गंभीर दावा भी किया गया है कि पूछने पर रामशंकर यादव उर्फ टीन्नू यादव द्वारा इन आभूषणों को बेंगलुरु ले जाकर गलवा देने की बात कही जाती है, जिसकी सत्यता अब पूरी तरह जांच एजेंसियों की पड़ताल पर निर्भर है।
बातचीत में मंदिर के भीतर श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। आरोपों के अनुसार, बिना किसी औपचारिक पास के केवल व्यक्तिगत रसूख और एक कथित सिस्टम के जरिए ५० से ६० लोग के समूहों को सीधे वीआईपी एंट्री दिला दी जाती थी। यह भी स्पष्ट है कि सामने आया नया गवाह केवल आभूषणों और दान से जुड़े तथ्यों पर ही एजेंसियों को सहयोग सौंपेगा।इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर इसमें संलिप्त अन्य दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जा रही है। इस संबंध में आचार्य विनोद मिश्रा जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा ट्रस्ट को तुरंत भंग करने की मांग की है।उनका स्पष्ट कहना है कि इस ट्रस्ट को भंग करके अयोध्या के उन अच्छे संतों और स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों को मौका दिया जाना चाहिए जो पूरी ईमानदारी से राम काज और राम सेवा में समर्पित हैं। आचार्य जी ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि ऐतिहासिक राम मंदिर आंदोलन के दौरान जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, जिन्होंने अपनी आहुति दी और भारी संघर्ष किया है, ऐसे बलिदानी परिवारों का अधिकार राम जी की सेवा और मंदिर की व्यवस्थाओं में सबसे पहले बनता है। जिन्होंने राम काज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उन्हें दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए।दूसरी ओर पिछले कई दिनों से मीडिया में लग रहे तमाम प्रकार के आरोपों को रामशंकर यादव उर्फ टीन्नू यादव ने खुद एक वीडियो जारी करके पूरी तरह से निराधार बताया है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियों की पड़ताल और इस नए गवाह के सहयोग के बाद यह रहस्य क्या मोड़ लेता है।