राम मंदिर परिसर में कथित दानपात्र चोरी का मामला अभी शांत नहीं हुआ है कि गेट नंबर 3 के पास चल रहा है अवैध पार्किंग का खेल प्रशासन के नोटिस के बाद भी सिंडिकेट बेखौफ
========================
अंतरिक्ष तिवारी की कलम से
अयोध्या। राम मंदिर परिसर में कथित दानपात्र चोरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि मंदिर के गेट नंबर 3 और इकबाल अंसारी के घर के समीप सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रहे एक बड़े अवैध पार्किंग सिंडिकेट ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा खेल पीड़ित की निजी जमीन पर खेला जा रहा है, जिसका नाम सरकारी कंप्यूटर खतौनी में साफ तौर पर दर्ज है। अपनी ही जमीन से बेदखल इस पीड़ित ने पहले उच्च अधिकारियों से संपर्क कर अपनी पूरी पीड़ा बताई थी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई और इसे जल्द बंद कराने के आदेश भी जारी किए गए थे। इसके बाद नगर निगम के द्वारा नोटिस देने की कार्रवाई तो की गई, लेकिन इसके आगे अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नतीजा यह है कि प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए आज भी यह पार्किंग वैसे के वैसे ही अवैध तरीके से धड़ल्ले से संचालित की जा रही है।इस अवैध धंधे के जरिए दूर-दराज से आने वाले सनातन प्रेमियों की अटूट आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। मंदिर दर्शन के उत्साह में आने वाले इन भोले-भाले श्रद्धालुओं को यही लगता है कि उनकी गाड़ी और वे खुद यहां पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन हकीकत यह है कि पार्किंग की नियमावली और सुरक्षा के नाम पर वहां की व्यवस्था पूरी तरह शून्य है। अराजक तत्व आज भी वहां हनुमंत पार्किंग के नाम से फर्जी पर्चियां काटकर हर गाड़ी से घंटे के हिसाब से 100 रुपये से लेकर 400 रुपये तक की मोटी अवैध वसूली कर रहे हैं। नगर निगम के नोटिस के 6-7 दिन बाद भी कोई जमीनी कार्रवाई न होना सीधे तौर पर किसी बड़ी अनहोनी को दावत देने जैसी है। अगर इस असुरक्षित जगह पर कोई बड़ी दुर्घटना या सुरक्षा चूक होती है, तो वैश्विक स्तर पर अयोध्या की छवि धूमिल होगी।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पीड़ित और स्थानीय जनता की सबसे पहली मांग यह है कि प्रशासन इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई करे और इस अवैध पार्किंग को तुरंत पूरी तरह से बंद करवाए। इसके बंद होने के बाद, सरकारी नियमावली के तहत वहां प्रशासनिक निगरानी में एक बड़ा चेतावनी बोर्ड लगाया जाए जिस पर स्पष्ट लिखा हो कि यह अवैध पार्किंग क्षेत्र है यहां वाहन खड़ा करना सख्त मना है किसी को भी कोई शुल्क न दें अवैध वसूली करने वालों की शिकायत तुरंत अधिकारियों से करें और यहां गाड़ी खड़ी करने पर होने वाले किसी भी नुकसान के जिम्मेदार स्वतः वाहन स्वामी होंगे प्रशासन नहीं। ऐसा करने से ही इस अवैध वसूली पर हमेशा के लिए लगाम लगेगी और प्रशासन की छवि भी सुरक्षित रहेगी।