अवैध निर्माण पर सुनामी विकास प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार मिश्रा का जीरो टॉलरेंस एक्शन रडार पर भू-माफिया
अंतरिक्ष तिवारी की कलम से ==================
अयोध्या।उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर बनाने की कवायद के बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ‘शुद्धिकरण अभियान’ छेड़ दिया है। प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने जब से कमान संभाली है, वे पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। पिछले दो महीनों का डेटा गवाह है कि अयोध्या के इतिहास में अवैध निर्माणों और अवैध प्लाटिंग पर यह अब तक की सबसे भीषण स्ट्राइक है। सचिव के रडार पर केवल छोटे निर्माण ही नहीं बल्कि बड़े रसूखदार भी हैं, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण सलारपुर स्थित अवध वाटर पार्क पर हुई सीलिंग की कार्रवाई है। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए और महायोजना के नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे इस वाटर पार्क को सील कर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं। इसके साथ ही शहर के बाहरी इलाकों में सक्रिय ‘प्लाटिंग माफिया’ के खिलाफ भी एडीए का बुलडोजर गरज रहा है और दर्जनों अवैध कॉलोनियों के अवैध निर्माणों को जमींदोज करने के साथ-साथ तमाम अवैध आवासीय भवनों एवं व्यावसायिक भवनों पर भी सीलिंग की बड़ी कार्रवाई की गई है। राजेश कुमार मिश्रा ने सख्त लहजे में बिल्डरों को चेतावनी देने के साथ-साथ आम जनता से भी भावुक व जागरूक अपील की है। मुख्यमंत्री जी के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सचिव ने विशेष निवेदन किया है कि लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई कहीं भी इन्वेस्ट करने से पहले उसकी पूर्णता जानकारी ले लें, ताकि आपकी जमापूंजी किसी धोखाधड़ी की भेंट न चढ़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे निजी घर का निर्माण हो या व्यावसायिक भवन होटल अथवा रेस्टोरेंट नक्शा पास कराने के लिए आवेदन करने के बाद जब तक अनुमति पत्र प्राप्त न हो जाए, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू न करें। प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता को भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी जटिलता या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। सचिव ने जोर देकर कहा कि भवन निर्माण या प्लॉट खरीदने से पहले प्राधिकरण से यह जानकारी जरूर ले लें कि वह क्षेत्र येलो जोन, ग्रीन जोन या रेड जोन में से किसके अंतर्गत आता है, ताकि आपकी मेहनत की कमाई पूरी तरह सुरक्षित रहे। सचिव का सीधा संदेश है कि आप नियमावली का पालन करिए, लेआउट पास कराइए और फिर प्लॉट सेल करिए या व्यवसायिक निर्माण करिए हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर कोई भी नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके ऊपर नियमावली के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्राधिकरण की इस आक्रामक कार्यशैली और जन-जागरूकता के इस प्रयास ने यह तय कर दिया है कि अब अयोध्या में केवल नियमानुसार नक्शा चलेगा भू-माफियाओं की मनमानी नहीं।