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भाजपा मंडल अध्यक्ष पर भवन हड़पने और अनैतिक गतिविधियों का संगीन आरोप पीड़ित ने कहा ₹100 के नोटरी खेल में फंसाकर छीना मेरा आशियाना

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में ट्रिपल इंजन सरकार के सुशासन के दावों के बीच एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। पीड़ित शिवा सोनी ने भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी पर अपने पुश्तैनी ‘गीता रमन भवन’ को साजिश के तहत कब्जाने और वहां अनैतिक खेल खेलने का गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरे प्रकरण में पीड़ित ने प्रशासन के सामने चार मुख्य बिंदु रखे हैं जो इस विवाद को बेहद संदिग्ध बना रहे हैं। पहला, भवन से पीड़ित के मालिकाना हक की पहचान यानी नेम प्लेट को ही उखाड़ फेंका गया है, जो स्पष्ट रूप से अवैध कब्जे की नीयत को दर्शाता है। दूसरा, पीड़ित और उनकी पत्नी ने आशंका जताई है कि उनके पवित्र निवास में अनैतिक कार्य’ किए जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने खुद अपनी आंखों के सामने से दो रहस्यमयी महिलाओं को चेहरा और शरीर पूरी तरह ढककर संदिग्ध परिस्थितियों में बाहर निकलते देखा है। तीसरा, इस काले सच को छिपाने के लिए भवन में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर बंद रखा जाता है; पीड़ित का दावा है कि यदि इन कैमरों को खोला जाए, तो ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा कि आखिर वहां क्या छिपाया जा रहा है। चौथा पीड़ित का कहना है कि यह पूरा खेल मात्र ₹100 के नोटरी एग्रीमेंट की आड़ में रचा गया जिसे विश्वास का आधार बनाकर मंडल अध्यक्ष ने चाबियां तो ले लीं लेकिन अब उसी कागजी धोखे से मकान हड़पने की कोशिश की जा रही है।पीड़ित शिवा सोनी का आरोप है कि जब उन्होंने इस अन्याय का विरोध किया और 112 नंबर पुलिस को मौके पर बुलाया तो उन्हें चौकी ले जाया गया, लेकिन वहां न्याय मिलने के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जाने लगा। आरोप है कि पुलिस चौकी में पीड़ित को सादे कागज पर दस्तखत करने और अपनी मर्जी के खिलाफ लिखने के लिए मजबूर किया गया जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित ने बताया कि उन्हें लीज की नियमावली की जानकारी नहीं थी कि जितने का किरायानामा होता है, उतने के ही स्टांप पेपर की कानूनी जरूरत पड़ती है और इसी अज्ञानता का फायदा उठाकर ₹40,000 मासिक किराए पर पांच कमरे लेने के बाद सारा खेल ₹100 की नोटरी पर ही कर दिया गया। आलम यह है कि अब न तो किराया मिल रहा है और न ही नियत साफ दिख रही है; हद तो तब हो गई जब पीड़ित को उनके खुद के निजी भवन के उस ऊपरी कमरे में भी जाने से रोका जा रहा है जो लीज का हिस्सा तक नहीं है। आज स्थिति यह है कि अपना ही घर होने के बावजूद शिवा सोनी का परिवार खौफ के साए में एक होटल में टिकने को मजबूर है क्योंकि मंडल अध्यक्ष कथित तौर पर खुलेआम धमकी दे रहा है कि सिस्टम और व्यवस्था मेरी जेब में है, मैं जो चाहूंगा वही होगा। पीड़ित से अब उल्टा ₹3 लाख की रंगदारी मांगी जा रही है और फर्जी मुकदमों में फंसाने का डर दिखाया जा रहा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाते हुए तीखा सवाल पूछा है कि क्या अयोध्या जैसे पवित्र धाम में यही रामराज्य है जहां एक व्यक्ति अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रह सकता पीड़ित ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके पूर्ण जिम्मेदार भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी ही होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस सिस्टम के अहंकार को तोड़कर पीड़ित को उसका आशियाना वापस दिलाता है या नहीं।

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