रुदौली का गजब खेल बगीचे साफ ईंटों की नींव तैयार और प्रॉपर्टी डीलर फरार। साहब बोले हमें तो खबर ही नहीं
अंतरिक्ष तिवारी की कलम से
अयोध्या। अयोध्या की रुदौली नगर पालिका में इन दिनों प्रॉपर्टी डीलरों ने ऐसा जादू दिखाया है कि देखते ही देखते हरे भरे बगीचे गायब हो गए और वहां ईंटों की नींव खोद दी गई। हिंदू इंटर कॉलेज के पीछे बड़ी नहर और अकबरगंज रोड के किनारे प्रॉपर्टी डीलरों का हौसला बुलंद है पूरी रुदौली में कुछ नाम चीन प्रॉपर्टी डीलरों का अवैध प्लाटिंग का धंधा बड़ी तेजी से फल फूल रहा है कि उन्होंने बिना किसी डर के बाकायदा 1500, 1000 ,1200और 800 स्क्वायर फीट के प्लाटों की लाइन लगा दी है। जमीन पर ईंटों की नई नींव भरकर अवैध तरीके से ‘सरकारी बंटवारा कर दिया गया है ताकि ग्राहक को फंसाया जा सके कि यह पूरब वाला प्लाट है और वह पश्चिम वाला। इन डीलरों ने बिना किसी सरकारी इजाजत के जमीन का बंटवारा और उसे बेचने की पूरी तैयारी ऐसे कर ली है जैसे ये खुद ही सरकारी विभाग के सर्वेयर हों। जब हमारी टीम ने मौके पर जाकर इन डीलरों से पूछा कि भाई साहब, सरकारी पास वाला नक्शा (लेआउट) कहां है। तो वे ऐसे गायब हुए जैसे गधे के सिर से सींग।हैरानी की बात तो यह है कि जब हमारी टीम ने वहां मौजूद एक प्रॉपर्टी डीलर से सवाल किया तो उसने बड़ी मासूमियत से अपने मालिक का नाम राजेश बता दिया और पल्ला झाड़ते हुए बोला हम तो बस यहाँ प्लाट बेच रहे हैं हमें आगे का क्या पता कि लेआउट क्या होता है और नियम क्या हैं। यहाँ तो 25 फीट की सड़क दिखाकर सौदा हो रहा है, जबकि लोग 10 फीट की पतली गलियों में निकलने को मजबूर हैं। नियम के मुताबिक नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी आवासीय या व्यावसायिक प्लाटिंग के लिए उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी से लेआउट पास कराना अनिवार्य है। मानकों के अनुसार, ऐसी कॉलोनियों में न्यूनतम 9 से 12 मीटर की सड़कें ड्रेनेज बिजली और ग्रीन बेल्ट के लिए जगह छोड़ना कानूनी मजबूरी है। लेकिन यहाँ तो लेआउट का नाम सुनते ही डीलर बगलें झांकने लगते हैं। इन डीलरों ने यह मान लिया है कि जब तक जेब गरम है तब तक लेआउट जैसे कागज सिर्फ रद्दी के टुकड़े हैं।इस अवैध धंधे के खिलाफ अब विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं। शिव एजुकेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष अखण्ड वीर सिंह ने उप जिलाधिकारी (SDM) को लिखित शिकायत देकर अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अवगत कराया कि शिव सावित्री कॉलेज के लिए प्रस्तावित भूमि (गाटा संख्या-1004, 1006, 1007) के पास बिना लेआउट पास कराए बड़ी अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है जो शासन द्वारा जारी भवन संहिता के नियमों के खिलाफ है। शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि पूर्व में भी कई बार गुहार लगाई गई लेकिन अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। अब देखना यह है कि प्रशासन इस शिकायत पर वाकई जागता है या मामला फिर फाइलों में दब जाता है।सबसे ज्यादा हंसी तो प्रशासन की बातों पर आती है। जब इस पूरे मामले पर एसडीएम रुदौली को फोन लगाया गया तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से कहा हमें तो इसकी जानकारी ही नहीं है, आपके बताने पर पता चला है अब जांच करेंगे। साहब की इस सादगी पर क्या कहा जाए! नगर पालिका की मुख्य सड़क पर बिना लेआउट के प्लाटों की नींव भर दी गई बगीचे साफ हो गए और साहब को ‘पता तक नहीं चला। उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत बिना अनुमति पेड़ काटना अपराध है, लेकिन यहाँ पूरे के पूरे बाग साफ हो गए और वन विभाग सोता रहा। सवाल यह है कि अगर प्रशासन को इतनी बड़ी हलचल की खबर नहीं है तो फिर रुदौली में चल क्या रहा है क्या कल जब इन अवैध प्लाटों पर गरीब आदमी अपना घर बना लेगा, तब यही प्रशासन बुलडोजर लेकर उसे गिराने पहुंचेगा। फिलहाल तो रुदौली में प्रॉपर्टी डीलरों की मौज है और सरकारी कानून किनारे पड़ा है।