अयोध्या अधिवक्ता संघ चुनाव: त्रिकोणीय संघर्ष के बीच क्षत्रिय और ब्राह्मण मतदाता तय करेंगे जीत का समीकरण

अयोध्या अधिवक्ता संघ के चुनाव में इस बार जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ 45 प्रत्याशियों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। 2,461 मतदाताओं वाले इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए कालिका प्रसाद मिश्रा, बब्बन प्रसाद चौबे और सूर्यभान वर्मा के बीच मुख्य मुकाबला है। जहाँ कालिका प्रसाद को सर्ववर्ग का समर्थन मिल रहा है, वहीं बब्बन चौबे अपनी मिलनसार छवि और अनुभव के भरोसे मैदान में हैं। सूर्यभान वर्मा के लिए पिछड़ा वर्ग के वोटों का बिखराव एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, ऐसे में माना जा रहा है कि क्षत्रिय मतदाता इस पद के लिए निर्णायक साबित होंगे। मंत्री पद की बात करें तो अजय श्रीवास्तव, शैलेंद्र जायसवाल और योगेंद्र प्रसाद पांडे के बीच त्रिकोणीय लड़ाई है। मंत्री पद के लिए सर्वाधिक 8 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 4 ब्राह्मण प्रत्याशी होने के कारण वोटों का बंटवारा तय माना जा रहा है। उपाध्यक्ष पद पर राजेश उपाध्याय, अशोक कुमार सिंह, धनुष श्रीवास्तव और रणधीर यादव के बीच कड़ा संघर्ष है। संयुक्त मंत्री प्रथम में संतोष मिश्रा व मनोज सिंह और द्वितीय में पीयूष मय त्रिपाठी व अखंड प्रताप यादव के बीच सीधी टक्कर दिख रही है। कोषाध्यक्ष पद के लिए अशोक कुमार दुबे और जय प्रकाश पाल मुख्य दावेदार बनकर उभरे हैं। इस चुनावी रण में लगभग 850 ब्राह्मण 1100 पिछड़ा वर्ग 360 क्षत्रिय और 150 कायस्थ मतदाताओं के साथ साथ अनुसूचित और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाता 4 जनवरी 2026 को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।