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आंगनवाड़ी मानदेय वृद्धि पर पारा हाई: घमासान और तीखी बहसों के बीच आएंगे योगी जी गीत पर झूमती नजर आईं महिलाएं अंतरिक्ष तिवारी की कलम से

अयोध्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए ऐतिहासिक सौगातों के ऐलान के बाद सूबे की सियासत और सोशल मीडिया का तापमान पूरी तरह बदल गया है। सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाकर 12,000 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 6,000 रुपये प्रतिमाह करने के साथ-साथ 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर अतिरिक्त साड़ियों और स्मार्टफोन्स जैसी जो बड़ी सौगातें दी हैं उसने एक तरफ जहां महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ाई है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर जबरदस्त घमासान छिड़ गया है।​कार्यक्रम के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग तरह के वीडियो तेजी से चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। एक तरफ कुछ लोग वीडियो बनाकर महिलाओं से यह सवाल पूछते नजर आ रहे हैं कि क्या वे इस मानदेय से संतुष्ट हैं जिसके जवाब में कुछ महिलाएं अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं और अपेक्षाएं रखती दिख रही हैं। वहीं दूसरी तरफ इसी माहौल के बीच महिलाओं का एक जोरदार नृत्य वीडियो भी तेजी से वायरल हो गया है जिसमें आएंगे ही योगी जी की धुन पर जमकर थिरकती नजर आ रही हैं।​इन दोनों तरह के वीडियो सामने आने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाओं और बहसों का दौर शुरू हो गया है। आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच जहां एक वर्ग इन बयानों के आधार पर राजनीति करने और कमियां तलाशने में जुटा है वहीं आम जनता और खुद जागरूक यूजर्स का पलटवार बेहद तीखा है।​सोशल मीडिया पर अब इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि मानव स्वभाव हमेशा और अधिक की अपेक्षा रखता है लेकिन सरकार द्वारा मिल रहे इस अभूतपूर्व सम्मान और उपहार को सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। कई यूजर्स ने तो यहां तक लिख डाला है कि यदि किसी को इन सुविधाओं और मानदेय से असंतोष है तो वे अपनी नौकरी स्वेच्छा से छोड़कर किसी अन्य जरूरतमंद महिला को यह मौका दे सकती हैं ताकि जिसे वास्तव में इस मानदेय की जरूरत है वह पूरी निष्ठा से काम कर सके।​सत्ता पक्ष अपने इन विकास कार्यों और उपलब्धियों की पीठ थपथपा रहा है, वहीं विपक्ष भी इस मौके को हाथ से जाने नहीं दे रहा है और हरसंभव कमियां तलाशने में जुटा है। जैसे-जैसे वर्ष 2027 का चुनाव नजदीक आता जाएगा राजनीतिक सरगर्मी और तीखे बयानों के वार-पलटवार का यह सिलसिला और तेजी से गर्माता जाएगा। कौन किस पर कितना भारी पड़ रहा है और आखिरकार जनता का रुख किस तरफ है ऐसे तमाम पहलुओं का विश्लेषण हम समय-समय पर अपनी रिपोर्टिंग के माध्यम से आपके सामने लाते रहेंगे। बहरहाल अंततः किसका भाग्य क्या होगा और सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी यह तो आने वाले चुनाव में केवल जनता के अमूल्य वोट से ही तय होगा।​कुल मिलाकर अयोध्या की पावन भूमि से उठा यह पूरा प्रकरण अब सोशल मीडिया पर एक बड़ी वैचारिक चर्चा का रूप ले चुका है जहां एक तरफ नारी शक्ति का उल्लास और समर्थन दिखाई दे रहा है वहीं दूसरी तरफ चुनावी माहौल के बीच विभिन्न पक्षों के अपने-अपने दावे और आकलन सामने आ रहे हैं।

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