विधायक बनने से पहले जेब में थे मात्र ₹200 पूर्व मंत्री होने के बाद भी कहाँ से आती है हर वर्ष नई ब्रांडेड महंगी गाड़ियां महा ऋषि द्विवेदी का पवन पांडे पर सीधा हमला मुख्यमंत्री योगी से की SIT जांच की मांग
=============================================================== = अंतरिक्ष तिवारी की कलम से
अयोध्या। राम मंदिर जमीन खरीद और चढ़ावे को लेकर लगातार सवाल उठाने वाले समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडे अब खुद गंभीर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। मीडिया से मुखातिब होते हुए युवा नेता महा ऋषि द्विवेदी ने पवन पांडे पर तीखा हमला बोला है और उनके दावों की हवा निकालते हुए सीधे सपा के जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में बड़े कथित घोटाले का आरोप मढ़ दिया है। महा ऋषि द्विवेदी ने मीडिया के सामने बड़ा खुलासा करने का दावा करते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र मुद्दे पर बार-बाहर उंगली उठाने वाले पूर्व मंत्री खुद कथित भ्रष्टाचार में डूबे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का एक ट्रस्ट हैजनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट जिसके सर्वेसर्वा खुद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव हैं। द्विवेदी ने अखिलेश यादव को बड़ी मछली और अयोध्या के पूर्व मंत्री पवन पांडे को छोटी मछली बताते हुए आरोप लगाया कि यह छोटी मछली लखनऊ जाती है और जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट से कथित तौर पर पैसा चुराकर लाती है; जब भी यह वहां जाते हैं, कथित रूप से पैसा चुराते हैं और इसी पैसे से इनका सारा काम चल रहा है।
युवा नेता ने पूर्व मंत्री की संपत्ति पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि अयोध्या में अब्बास अली जैदी रुश्दी मियां और आनंद सेन यादव जैसे कई बड़े और कद्दावर सपा नेता रहे हैं जो सालों से पार्टी में निष्ठापूर्वक काम करने के बाद भी एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी नहीं बदल पा रहे हैं। लेकिन पवन पांडे के पास ऐसा कौन सा अलादीन का चिराग आ गया कि विधायक बनने से पहले जिसके पास कथित तौर पर मात्र ₹200 थे आज पूर्व मंत्री होने के बाद भी उनके घर में परिवार के 5 सदस्यों पर 5 फॉर्च्यूनर गाड़ियां हैं और हर वर्ष नई ब्रांडेड महंगी गाड़ियां लॉन्च हो रही हैं। द्विवेदी ने आगे दावा किया कि चुनाव के हलफनामे में ये अपने खाते में सिर्फ दो-तीन हजार रुपये दिखाते हैं तो फिर अंगूरी बाग में अग्रवाल समाज की जमीन कथित रूप से गलत तरीके से लिखवाने और कृष्णा नगर में आलीशान कोठियां बनवाने का पैसा कहाँ से आ रहा है बच्चों की भारी-भरकम फीस और समाज में लगातार हो रहा खर्च इसी कथित तौर पर जुटाए गए पैसे से मैनेज हो रहा है।जब मीडिया ने पूछा कि आपको इस बात की जानकारी किसने दी तो महा ऋषि द्विवेदी ने साफ किया कि यह राज खुद समाजवादी पार्टी के ही एक पूर्व विधायक ने खोला है। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी उन्हें खुद सपा के एक पूर्व विधायक ने बातचीत के दौरान दी है जिसने स्पष्ट रूप से कहा कि मैं भी सपा का विधायक रहा हूँ लेकिन आज भी केवल एक वैगनआर गाड़ी से चलता हूँ और मेरी गाड़ी बदलने की हैसियत नहीं है, जबकि यह पूर्व मंत्री हर साल नई गाड़ी निकाल रहा है। द्विवेदी ने यह भी जोड़ा कि जब वह सपा में अपना पैर पसार रहे थे तो पवन पांडे को डर सताने लगा था कि कहीं महा ऋषि द्विवेदी भी ब्राह्मण होने के नाते जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट तक न पहुंच जाएं और वहां से कथित करोड़ों रुपये न ले आएं, क्योंकि इस ट्रस्ट में देश-विदेश से भारी मात्रा में पैसा आता है जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। इस पूरे मामले और कथित अनियमितताओं को लेकर महा ऋषि द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि राम मंदिर पर राजनीति करने वाले नेताओं की असलियत सामने लाने के लिए जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट पर तत्काल एसआईटी की जांच बैठाई जाए ताकि इस ट्रस्ट के पैसों की कथित चोरी और दलाली करने वाले चेहरों का पर्दाफाश हो सके।
यह पूरी खबर युवा नेता महा ऋषि द्विवेदी द्वारा मीडिया के सामने दिए गए बयानों और आरोपों पर आधारित है। आपकी ताकत न्यूज़ चैनल इस खबर में लगाए गए आरोपों की व्यक्तिगत रूप से पुष्टि नहीं करता है।