अयोध्या विकास प्राधिकरण की सीलिंग कार्रवाई के बीच कोचिंग संचालकों ने लगाई गुहार कहा साहब एक मौका दें अंधकार में चला जाएगा छात्रों का भविष्य

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अयोध्या। लखनऊ में हुए कोचिंग हादसे के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है जिसके बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्रशासन द्वारा बिना मानकों और आवासीय भवनों में चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ ताबड़तोड़ सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है, जिससे शहर के कोचिंग संचालकों और छात्रों में खलबली मच गई है। सबसे बड़ा पेच आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर फंस रहा है, जिसके चलते कई संस्थानों पर ताले लटक गए हैं।इस कड़ी कार्रवाई के बीच सभी कोचिंग संचालकों ने मिलकर अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव और उपाध्यक्ष को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर राहत की मांग की है। संचालकों ने बताया कि अचानक कोचिंग बंद होने से छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। संस्थानों के बाकी सभी मानक पूरे हैं केवल बिल्डिंग रेजिडेंशियल है जिसे कमर्शियल कराने के लिए मकान मालिकों को कह दिया गया है। उन्होंने अपील की है कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए कोचिंग संस्थानों को पुनः खुलवाकर एक मौका दिया जाए।दूसरी ओर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का साफ मानना है कि यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जी का सख्त आदेश है और बच्चों की जिंदगी के साथ किसी भी सूरत में खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अधिकारियों ने दो टूक संदेश देते हुए कहा है कि नियमावली को पूरा करिए और अपनी कोचिंग चलाइए। उनका कहना है कि कोचिंग संस्थानों में कम से कम अग्निशमन फायर सेफ्टी की पुख्ता व्यवस्था और उसकी एनओसी होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनहोनी या परेशानी न हो। जब तक सुरक्षा मानक और कागजी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होतीं तब तक सीलिंग से कोई राहत नहीं मिलेगी।