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नेताओं और अधिकारियों के अश्लील वीडियो मेरे पास भेजने वाले ध्यान दें सुधर जाइए वरना कर्मों का हिसाब ईश्वर करेगा किसी एक की भूल की सजा उसका मासूम परिवार क्यों भुगते

=अंतरिक्ष तिवारी की कलम से
एक राजनेता की कुछ बेहद निजी तस्वीरें और वीडियो मेरे पास पहुंचे हैं जो उनके ही किसी बेहद करीबी ने मुझे उपलब्ध कराए हैं। लेकिन मैं स्पष्ट कर दूँ कि मैं उनका नाम लेकर कोई खबर नहीं लिखूँगा। यह फैसला मैंने किसी दबाव में नहीं बल्कि उनकी पत्नी के विश्वास और उनके बच्चों के भविष्य को समाज में कलंकित होने से बचाने के लिए लिया है। मैंने उन सारे व्यक्तिगत सबूतों को अपने पास से हमेशा के लिए हटा दिया है। कोई मेरी जान भी ले ले तो भी ये चीजें मेरे पास से नहीं पा सकेगा। मैं एक मानवीय अपील करता हूँ कि समाज के लिए न सही, अपने बच्चों के सम्मान के लिए सुधर जाइए।मैं उन लोगों से भी कहना चाहता हूँ कि चंद फायदों के लिए किसी का विश्वास मत तोड़िए। आज के बाद मुझे कोई भी ऐसा गुप्त सबूत न दे, जिससे किसी का पूरा परिवार कलंकित हो। भ्रष्टाचार नीतियों और कार्यशैली पर मेरी कलम पूरी ताकत से चलेगी, लेकिन चरित्र के व्यक्तिगत मामलों को छोड़कर बाकी हर सार्वजनिक मुद्दे पर ही मैं लिखूँगा। आखिर उनका भी अपना एक परिवार है, और किसी एक व्यक्ति के गलत कर्मों की सजा उसके मासूम परिवार को नहीं मिलनी चाहिए। जिसने गलती की है, उसके गलत कर्मों का न्याय ईश्वर और कोर्ट तय करेगी। मुझे इस तरह की खबरों से कोई सस्ती लोकप्रियता या व्यूज नहीं चाहिए।आजकल समाज में यह भी देखने को मिल रहा है कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार हैं। जब वे सामने वाले से किसी मोर्चे पर जीत नहीं पाते तो फर्जी तरीके से उसका चरित्र हनन करने लगते हैं। याद रखिए यह वही पावन अयोध्या है जहाँ परम पवित्र माता सीता को भी झूठे लांछनों का सामना करना पड़ा था। आज कुछ लोग महज सनसनी और व्यूज के चक्कर में कैमरे के सामने बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन अगर 1% भी सबूत मांग लिया जाए, तो एक तिनका भी पेश नहीं कर पाएंगे। ऐसे लोगों से मैं यही कहूँगा कि ईश्वर से जरूर डरो क्योंकि आपके द्वारा बोले गए एक-एक शब्द से ही आपका सुख-दुख तय हो रहा है।जो लोग समाज में पाखंड का चोला ओढ़कर सनातन धर्म को बदनाम कर रहे हैं और खुद को तपस्वी या ब्रह्मचारी कहते हैं यदि वे मर्यादाओं के विपरीत कृत्य करते पाए गए तो उनका पर्दाफाश अवश्य किया जाएगा। मैं नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों से भी कहना चाहूँगा कि आज के दौर में आपकी प्राइवेसी पर आपके अपने ही लोग नजर गड़ाए बैठे हैं। इसके पहले भी अयोध्या में एक उच्च अधिकारी से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया था, लेकिन मैंने मानवता और उनकी संतानों के भविष्य को देखते हुए उस विषय को छोड़ दिया था।मेरा आखिरी निवेदन है कि व्यक्तिगत दुश्मनी के लिए तार्किक शब्दों से संघर्ष कीजिए किसी की निजी कमजोरी को हथियार मत बनाइए। ऐसी अनैतिक चीजों और दलदल में फंसने से पहले अपने भरे-पूरे परिवार का चिंतन अवश्य कर लेना चाहिए। आपके घर में बेटा बेटी दामाद और बहू हैं कुछ भी गलत करने से पहले एक बार सोचिए कि वे समाज में क्या जवाब देंगे जो बच्चे आज आप पर गर्व कर रहे हैं वे कल समाज का सामना कैसे कर पाएंगे गृहस्थ जीवन में प्रभु ने आपको सब सुख और आनंद दिया ही है फिर कुछ क्षणिक सुखों की तलाश में आप अपना बहुत कुछ खो देंगे। आगे आप लोगों की मर्जी।

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