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एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़िता ने अधिवक्ता के साथ की प्रेसवार्ता कथावाचक पवनदेव महाराज के खिलाफ आरोपों का किया पर्दाफाश; क्या अब जल्द सलाखों के पीछे जाएंगे पवनदेव महाराज

अंतरिक्ष तिवारी की कलाम से ==================
अयोध्या। बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के निवासी कथावाचक पवनदेव महाराज के खिलाफ बिहार के सिवान की एक विवाहिता ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पवनदेव महाराज ने पहले उसका शारीरिक शोषण किया और जब वह डर गई, तो उसे प्रेम के जाल में फंसाकर मंदिर में विवाह रचाया। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसके बहुमूल्य आभूषण हड़प लिए और फिर उसे बेसहारा छोड़ दिया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने कथावाचक और उनके पिता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 115(2) और 353(3) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
आज पीड़िता ने अपने अधिवक्ता नवीन मिश्रा के साथ मिलकर पत्रकारों के समक्ष प्रेसवार्ता की। प्रेसवार्ता के दौरान पीड़िता ने कथावाचक पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के संगीन आरोप लगाए। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार कथावाचक ने पहले शोषण किया और बाद में विवाह का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसाया। पीड़िता ने यह भी कहा कि उन्हें और उनके बच्चों को पवनदेव महाराज से खतरा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके लिए वे कथावाचक को ही उत्तरदायी मानती हैं।प्रेसवार्ता में पीड़िता ने पवनदेव महाराज द्वारा लगाए गए हनी ट्रैपिंग’ फंसाने के आरोपों का मुंहतोड़ जवाब दिया। पीड़िता ने कहा कि कथावाचक खुद को बचाने के लिए अब इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। पांच माह पूर्व जब यह मामला पहली बार चर्चा में आया था, तब पवनदेव महाराज ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सभी फोटो वीडियो और ऑडियो को एआई द्वारा निर्मित बताया था। इस पर पलटवार करते हुए पीड़िता ने कहा कि उन्होंने पुलिस को उन सभी साक्ष्यों के असल स्रोत और तकनीकी प्रमाण सौंप दिए हैं, जिनसे यह साबित होता है कि सामग्री फर्जी नहीं, बल्कि असली है। पीड़िता ने जनता से आग्रह किया कि वे ऐसे कथावाचकों से सतर्क रहें, जो सुंदर प्रवचनों की आड़ में महिलाओं और बेटियों को अपना शिकार बनाते हैं।
वहीं, अधिवक्ता नवीन मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पीड़िता की घबराहट के कारण अभी जो धाराएं लगाई गई हैं उनमें साक्ष्यों की पुष्टि के बाद बदलाव या बढ़ोतरी संभव है। उन्होंने कहा कि कानून अपना कार्य कर रहा है और वे पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बीकापुर कोतवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट दर्ज की है, जिसके लिए पीड़िता ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।मामले पर अपना पक्ष जानने के लिए जब पवनदेव महाराज से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना ही उचित नहीं समझा। जिस तरह से कथावाचकों के ऊपर आरोप लग रहे हैं यह अत्यंत गंभीर विषय है। वृंदावन का मामला अभी शांत हुआ ही नहीं था कि अयोध्या में भी एक शिकायत दर्ज हो गई है। मंचों से जो कथावाचक तपस्या, त्याग, मर्यादा और ब्रह्मचर्य की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं मोह-माया और संपत्ति से कोसों दूर रहने का उपदेश देते हैं, आज उन्हीं के चरित्र पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह घोर कलयुग की शुरुआत है, जहाँ संस्कृति और सभ्यता की कोई मर्यादा नहीं बची? समाज और सनातन प्रेमी अब किस पर भरोसा करें प्रतिदिन ऐसे मामले सुर्खियों में आ रहे हैं। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच में क्या सच सामने आता है।

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