साहब आ रहे हैं आप भाग जाइए: रामपुर हलवारा और तिहुरा माझा में खनन माफिया और अधिकारियों का फिल्मी खेल
== ।अंतरिक्ष तिवारी की कलम से। =====================
अयोध्या। जनपद के रामपुर हलवारा और तिहुरा माझा क्षेत्र में अवैध बालू माफियाओं का साम्राज्य किसी सनसनीखेज फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह फल-फूल रहा है। सूत्र बताते हैं कि जब भी मीडिया इन खबरों को प्रमुखता से दिखाता है या जनता का आक्रोश बढ़ता है तो तंत्र के जिम्मेदार अधिकारी फोटो-जीवी बनकर मोर्चे पर तैनात हो जाते हैं। चर्चा है कि छापेमारी से पहले ही माफियाओं तक विभाग का यह गुप्त संदेश पहुँच जाता है साहब आ रहे हैं आप भाग जाइए क्योंकि अधिकारियों को सिर्फ औपचारिकता निभानी होती है। पट्टा धारकों का दुस्साहस इतना है कि वे सरेआम कहते हैं एक बार पट्टा मिल जाए फिर ऐसी खुदाई करेंगे कि नियमों को ताक पर रखकर हाथी भी डूब जाए। यहाँ कई किलोमीटर तक फैला यह काला कारोबार माफियाओं को साल भर में करोड़ों की गाड़ियां दिला देता है लेकिन जाँच एजेंसियां इस अकूत कमाई पर रहस्यमयी चुप्पी साधे हैं।सूत्रों का दावा है कि सरकारी नियमावली की धज्जियां उड़ाते हुए घाटों से सीसीटीवी कैमरे धर्मकांटा और रॉयल्टी पर्ची जैसे मानक पूरी तरह नदारद हैं। रात के सन्नाटे में पोकलैंड मशीनें मस्त चाल में सरयू की कोख उजाड़ती हैं जबकि राजस्व की सुरक्षा के लिए तैनात जिम्मेदार चैन की नींद सोते हैं। दबाव बढ़ने पर अधिकारी मौके पर पहुँचकर यह घिसा-पिटा बहाना बनाते हैं कि वहाँ कोई मिला ही नहीं और केवल इक्का-दुक्का गाड़ियों पर कार्रवाई कर कर्तव्यों की खानापूर्ति कर ली जाती है। उन जानलेवा गहरी खाइयों की तरफ कोई नहीं देखता जो नियमों का कत्ल कर रही हैं। नियमानुसार खुदाई की गहराई सीमित होनी चाहिए और भारी मशीनों का प्रयोग वर्जित है लेकिन यहाँ विकास की आड़ में खनन माफियाओं को संरक्षण देने का खेल जारी है।क्षेत्र की जनता की मुख्यमंत्री जी से पुरजोर प्रार्थना है कि केवल चलती मशीनों को पकड़ने के बजाय घाटों पर की गई खुदाई की गहराई और मानकों की असलियत खंगाली जाए। यदि कोई ईमानदार अधिकारी तह तक जाए तो सरकार को वह करोड़ों का राजस्व मिल सकता है जो वर्तमान में सफेदपोशों और भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से लूटा जा रहा है। सोहावल और रुदौली के घाटों पर प्रकृति के साथ यह खिलवाड़ अयोध्या के भूगोल के लिए खतरनाक है। अब सवाल यह है कि क्या शासन इस फिल्मी दिखावे को छोड़कर सरयू के अस्तित्व को बचाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई करेगा