विकास प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: कोर्ट की आड़ में खुद ताला खोलकर चल रहे अवध वाटर पार्क को दोबारा किया सीज =
अंतरिक्ष तिवारी की कलम से =============================
अयोध्या को एक सुंदर और व्यवस्थित नगरी बनाने के संकल्प के बीच अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख लगातार जारी है। इसी क्रम में आज अयोध्या में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे अवध वाटर पार्क पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री अनुराज जैन और सचिव श्री राजेश कुमार मिश्रा के कुशल निर्देशन में आज एक बेहद त्वरित और साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया गया जिसके तहत कोर्ट की आड़ लेकर गुमराह करने और अपने आप फिर से खोले गए इस अवैध वाटर पार्क को प्राधिकरण की टीम ने दोबारा सील कर दिया है।आपको बता दें कि इस मामले में जन सूचना के तहत यह बड़ा खुलासा हुआ था कि यह वाटर पार्क प्राधिकरण की किसी भी नियमावली को पूरा नहीं करता था। विभाग ने लिखित रूप से स्पष्ट किया था कि इस परिसर का कोई भी नक्शा पास नहीं है और न ही भूगर्भ जल दोहन अग्निशमन या जन सुरक्षा से जुड़ी कोई भी एनओसी विकास प्राधिकरण में जमा थी। इसके साथ ही जब जन सूचना में यह पूछा गया कि सील किए गए इस वाटर पार्क का ताला दोबारा खोलने की अनुमति किस नियम के तहत दी गई तो विकास प्राधिकरण ने साफ जवाब दिया कि विभाग द्वारा सीलिंग के बाद ताला खोलने की ऐसी कोई अनुमति नहीं दी गई है।
दरअसल प्रबंधकों ने माननीय सिविल न्यायालय और उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की आड़ लेकर बिना किसी वैध अनुमति के खुद ही परिसर का ताला खोल लिया था। जब यह मामला प्राधिकरण के ईमानदार और सख्त मिजाज उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि न्यायालय में मामला होने का मतलब यह कतई नहीं है कि बिना नक्शे और बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के अवैध कारोबार जारी रखा जाए।प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री अनुराज जैन और सचिव श्री राजेश कुमार मिश्रा की हरी झंडी मिलते ही आज 14 जुलाई 2026 को संयुक्त टीम पूरी मुस्तैदी के साथ एक्शन में आ गई। सहायक अभियंता श्री गिरीश चन्द्र तिवारी और अवर अभियंता श्री सुरेन्द्र सिंह यादव के नेतृत्व में प्रवर्तन दल थाना-रौनाही की भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर धमक पड़ा। अधिकारियों ने जांच में पाया कि पार्क में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी कर इसे चलाया जा रहा था।प्राधिकरण की टीम ने बिना कोई मोहलत दिए अवध वाटर पार्क के मुख्य द्वारों को बंद कराकर वहां दोबारा सीलिंग का सरकारी आदेश चपका दिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जब तक कोर्ट का अंतिम आदेश नहीं आता और नक्शा स्वीकृत नहीं होता तब तक ताला खोलने का दुस्साहस करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निश्चित रूप से अयोध्या विकास प्राधिकरण के शीर्ष नेतृत्व की यह निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई बेहद सराहनीय है जिसने यह साफ संदेश दे दिया है कि अयोध्या की पावन भूमि पर अदालती पेचों का बहाना बनाकर जनता की जान से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।