प्रबंधक ने प्रेसवार्ता में दस्तावेज दिखाकर किया बड़ा खुलासा कॉलेज हड़पने की साजिश उजागर
अंतरिक्ष तिवारी की कलम से
अयोध्या। सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान बाबा सूर्यबली संतशरण दास बालिका महाविद्यालय मीरापुर डेराबीबी के प्रबंधक बाबू लाल ने पुख्ता दस्तावेजों के साथ एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। उन्होंने कॉलेज की देखरेख करने वाले प्रदीप कुमार यादव पर विश्वासघात और जालसाजी के जरिए पूरे संस्थान पर अवैध कब्जा करने का सनसनीखेज आरोप मढ़ा। बाबू लाल ने बताया कि वर्ष 2020 में बेगमपुरा निवासी प्रदीप को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन उनके बाहर रहने का फायदा उठाकर प्रदीप ने न सिर्फ बिजली और जलकर के बिल दबाए बल्कि मिलीभगत कर विद्युत कनेक्शन भी दूसरी संस्था के नाम ट्रांसफर करवा लिया।इस खेल को आगे बढ़ाते हुए आरोपी ने कॉलेज का नाम बदलकर एमएस फार्मेसी कॉलेज के नाम से नई मान्यता ले ली और परिसर को एक निजी कंपनी को 72 हजार रुपये प्रति माह के किराये पर उठा दिया। इस किराये की मोटी रकम कॉलेज के खाते के बजाय सीधे प्रदीप के निजी बैंक खाते में जा रही है। प्रबंधक ने सबसे बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पूरी संपत्ति हड़पने की नीयत से उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर एक कागजी समिति का पंजीकरण भी करा लिया गया है। प्रेसवार्ता में इन सभी घोटालों से जुड़े पुख्ता सबूत मीडिया के सामने रखते हुए प्रबंधक बाबू लाल ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।